2000 से अधिक गीत सोशल मीडिया पर किए प्रस्तुत, मैनपाट महोत्सव सहित विभिन्न मंचों पर मिल चुका है सम्मान
अम्बिकापुर। द शूटर । सरगुजा की धरती ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक प्रतिभाओं को जन्म दिया है। इसी क्रम में अम्बिकापुर के बौरीपारा निवासी राजीव रंजन सिंह उर्फ कुमार राजीव अपनी सुरीली आवाज और देश के सुप्रसिद्ध गायक कुमार शानू की गायकी की विशिष्ट शैली के कारण अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। पेशे से शिक्षक कुमार राजीव पिछले कई वर्षों से गायकी का अभ्यास कर रहे हैं और अब तक कुमार शानू सहित विभिन्न लोकप्रिय गायकों के 2000 से अधिक गीत गाकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचा चुके हैं।
कुमार राजीव ने बताया कि उन्हें अपनी गायकी की प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न मंचों पर अवसर मिले हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित मैनपाट महोत्सव में उन्होंने अपनी गायकी का प्रदर्शन किया। इसके अलावा ‘छत्तीसगढ़ का पहरेदार’ संस्था द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान से भी उन्हें सम्मानित किया गया है। अम्बिकापुर नगर निगम के पार्षदों द्वारा उन्हें बेस्ट सिंगर की श्रेणी में सम्मान दिया गया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्टेज शो में भी वे अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। वहीं, पत्रकारों एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी कुमार शानू की आवाज में गीत प्रस्तुत करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।

कुमार राजीव ने कहा कि उनके लिए गायकी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों के दिलों तक भावनाओं और सकारात्मक संदेश पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। वे कुमार शानू की गायकी से प्रभावित हैं और उनकी आवाज तथा गायकी की शैली को पसंद करने वाले श्रोताओं के बीच अपने गीतों के माध्यम से लगातार जुड़ने का प्रयास करते हैं।
कुमार राजीव ने कहा, “अच्छा गीत और अच्छा संगीत मन को सुकून देने के साथ-साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने की क्षमता रखता है। संगीत की कोई सीमा नहीं होती, यह लोगों को आपस में जोड़ता है और भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम है। मेरा प्रयास है कि मैं ऐसे गीत प्रस्तुत करूं, जिन्हें सुनकर श्रोताओं को आनंद के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा और अच्छा संदेश भी मिले। सरगुजा की धरती से अपनी गायकी को आगे बढ़ाना मेरे लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने कहा कि आगे भी वे निरंतर गायकी का अभ्यास करते हुए बेहतर प्रस्तुतियां देने और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने का प्रयास करते रहेंगे। कुमार राजीव की यह संगीत साधना युवाओं के लिए भी प्रेरणा का विषय है कि अपनी प्रतिभा और निरंतर अभ्यास के बल पर स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय पहचान की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।
