अंबिकापुर। बलूचिस्तान गणराज्य की ओर से बलूच राष्ट्र से 14 अगस्त को ‘काला दिवस’ मनाने का आह्वान किया गया है। बलूचिस्तान गणराज्य के नाम से जारी एक संदेश में कहा गया है कि पाकिस्तान और बलूचिस्तान दो अलग-अलग देश हैं तथा बलूचिस्तान की अपनी विशिष्ट पहचान, इतिहास, भाषा, संस्कृति और भूगोल है।
यह संदेश बलूच नेता मीर यार बलूच ने अपने एक्स (X) अकाउंट के माध्यम से जारी किया है। संदेश में पाकिस्तान के अस्तित्व और उसके गठन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान का निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के विभाजन के माध्यम से एक रणनीतिक परियोजना के रूप में किया गया था और बाद में इसका उपयोग पश्चिमी शक्तियों ने अपने हितों के लिए किया।
मीर यार बलूच के संदेश में पाकिस्तान पर क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा देने तथा बलूचिस्तान के भूगोल, समुद्र और प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल अपने हितों के लिए करने का आरोप लगाया गया है। संदेश में पाकिस्तान की सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
14 अगस्त को काला दिवस मनाने का आह्वान
संदेश में बलूचिस्तान के लोगों और विदेशों में रह रहे बलूच समुदाय से 14 अगस्त को काला दिवस मनाने की अपील की गई है। इसके तहत घरों और शैक्षणिक संस्थानों पर काले झंडे लगाने तथा काले आर्मबैंड पहनकर पाकिस्तान से अलगाव की भावना व्यक्त करने का आह्वान किया गया है।
संदेश में यह भी दावा किया गया है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी ध्वज को हटाया जाएगा और उसकी जगह काले झंडे लगाए जाएंगे। बलूचिस्तान गणराज्य ने अपने बयान में स्वयं को स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बताया है।
मीर यार बलूच के बयान में हाल में बलूचिस्तान के सुरब, ग्वादर और आसपास के क्षेत्रों में हुई कथित सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। बयान में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना और वायुसेना की कार्रवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
बलूचिस्तान गणराज्य ने कहा है कि पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना बलूच संस्कृति, इतिहास और वहां के लोगों की भावनाओं के विपरीत है। बयान के अंत में दुनिया भर के बलूच समुदाय से 14 अगस्त को काला दिवस मनाकर अपनी अलग पहचान और स्वतंत्रता की मांग को प्रदर्शित करने की अपील की गई है।
