
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक गरिमा के प्रतिकूल और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक एवं जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से इस प्रकार के राजनीतिक स्टंट की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को लेकर केंद्र सरकार प्रारंभ से ही पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को “पाप” बताते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी प्रतिबद्धता के तहत परीक्षा दोबारा पूर्ण पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई और उसका परिणाम भी घोषित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे की आड़ लेकर कुछ युवाओं को आगे कर देश में अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष द्वारा किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है और यह देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति असम्मान को दर्शाता है।
श्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के अनेक वैधानिक और संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन प्रतिबंधित क्षेत्र में इस प्रकार का प्रदर्शन अनुचित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की जनता ऐसे गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण को स्वीकार नहीं करेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों एवं मर्यादाओं के साथ खड़ी रहेगी।
