कई अधिकारी कर्मचारी घायल,दिन भर रही तनाव की स्थिति
प्रतापपुर/द शूटर। प्रतापपुर के मदननगर में उस समय स्थिति ने खतरनाक रूप ले लिया जब पुलिस विभिन्न मामलों के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए यहां पहुंची। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया जिसमें दो डीएसपी सहित बीस से ज्यादा कर्मचारी घायल हो गए।इनमें से दो को अंबिकापुर रेफर भी करना पड़ा।

उल्लेखनीय है कि मदननगर खुली खदान परियोजना को लेकर लंबे समय से गतिरोध चल रहा है।आज शुक्रवार की सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल मदननगर पहुंच गया और कुछ लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास किया।जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी,वे इकट्ठा हो गए और उनके हाथों में हथियार थे।उन्होंने पुलिस वालों पर हमला बोल दिया जिसमें दो डीएसपी, एक टीआई के साथ करीब तीस पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इनमें से पांच को प्रतापपुर तो दो को अंबिकापुर रेफर करना पड़ा था। घटना को लेकर मिली जानकारी अनुसार झड़प के दौरान ग्रामीणों के उग्र रूप को देखते हुए पुलिसकर्मियों को बैकफुट पर जाना पड़ गया। पुलिस के बैकफुट पर जाने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी सहित कई वाहनों को निशाना बनाया और उनमें तोड़फोड़ की। स्थिति को देखते हुए स्कूल बसों को भी वापस लौटना पड़ा। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने बसों और पुलिस की गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया। पुलिस की गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस का वाकी-टाकी भी तोड़ दिया। जानकारी अनुसार पुलिस ने सरपंच पुत्र वीरेंद्र को पुलिस पर हमला करने के आरोप में हिरासत में ले लिया था। इसके बाद ही स्थिति बिगड़ी थी। ग्रामीण विरेंद्र को छोड़ने की जिद पकड़कर मुख्य मार्ग को अवरूद्ध कर बैठे हुए थे। देर शाम को ग्रामीणों की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल धरमपुर स्कूल में ठहरे प्रशासन से मिलने आया था और कलेक्टर रेना जमील के साथ पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल से लंबी चर्चा की। समाचार लिखे जाने तक चक्का जाम के साथ तनाव की स्थिति बनी हुई थी,बड़ी संख्या में पुलिस बल,राजस्व विभाग के साथ वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर मौजूद थे।वहीं पुलिस ने वाटर केनन भी बुला लिया था।
ग्रामीणों का आरोप,सर्वे के लिए हुआ सब कुछ
घटना को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि इनके साथ भी मारपीट की गई है। वे मदननगर में सर्वे का विरोध कर रहे हैं ताकि खदान न खुल सके।उनका कहना था कि प्रशासन इसी तैयारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल लेकर यहां आया था, उनकी मंशा कुछ लोगों की गिरफ़्तारी करने के बाद एसईसीएल की टीम से खदान का सर्वे कराने की थी।
कई घंटों से चक्का जाम
आक्रोशित ग्रामीणों ने सुबह कुछ देर के लिए प्रतापपुर अम्बिकापुर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था।इसके बाद रास्ता शुरू हुआ लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद फिर से ग्रामीण बड़ी बड़ी लकड़ियां डाल सड़क में बैठ गए। इतना ही नहीं उन्होंने उन सभी मार्गों को भी अवरुद्ध कर रखा था जो मुख्य मार्ग से गांव के अंदर जाते हैं। समाचार लिखे जाने तक सड़क मार्ग बंद था। ग्रामीण बड़े वाहनों के साथ बाइक सवारों को भी मुख्य मार्ग से जाने नहीं दे रहे थे। इधर प्रशासन ग्रामीणों से संवाद करने की कोशिश कर अवरुद्ध किए गए मुख्य मार्ग को खुलवाने में लगा हुआ था।

