प्रतापपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मदननगर के हैं निर्वाचित प्रतिनिधि, अधिवक्ता के साथ पहुंचे थे एसडीएम कार्यालय
प्रतापपुर/द शूटर। राकेश मित्तल । प्रतापपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मदननगर के उपसरपंच के साथ सभी बीस पंचों ने एसडीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा यहां की सरपंच की बर्खास्तगी के विरोध में दिया है।उल्लेखनीय है कि 3 जुलाई को जारी एक आदेश में एसडीएम प्रतापपुर ने मदननगर की सरपंच सुन्दरी बाई को बर्खास्त कर दिया था। पंचायत राज अधिनियम की धारा 40(ख) के तहत की कार्यवाही में सरपंच के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाये गए थे जिनमें एसईसीएल सर्वे टीम को बंधक बनाने, डराने धमकाने जैसे कृत्यों के लिए ग्रामीणों को उकसाना और उनका नेतृत्व करना शामिल हैं।सरपंच के विरुद्ध हुई इस कार्यवाही को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जाती रही है और अब यहां के पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इसका विरोध करते हुए इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।आज अधिवक्ता जितेंद्र दुबे के साथ सभी पंच एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार सुरेश राय को ज्ञापन सौंपा।सभी द्वारा दिए गए अलग अलग इस्तीफा में कहा गया है कि ग्राम पंचायत मदननगर की आदिवासी महिला सरपंच अपने क्षेत्र के आदिवासी किसान भाईयों की आवाज उठा रही थी, जो ग्राम की भूमि को अधिग्रहण की कार्यवाही पांचवीं अनुसूची एवं पेसा एक्ट अनुसार नहीं किये जाने से भू-अधिग्रहण की कार्यवाही पर आपत्ति प्रस्तुत की थी। जिस कारण एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के प्रभाव में आकर मदननगर के सरपंच को असंवैधानिक तरीके से बर्खास्त कर दिया गया है जो गरीब आदिवासी किसानों के हक की लड़ाई लड़ने वाली सरपंच को गलत तरीके से बर्खास्त किये जाने से ग्रामीणों के साथ वे लोग भी दुखी हैं इसलिए वे स्वेच्छा से अपना इस्तीफा दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि उनके गांव में जबरन खदान खोलने के प्रयास हो रहे हैं,सरपंच को बर्खास्त कर दिया है,अब वे भी इस्तीफा दे रहे हैं।उनके लिए अच्छा है क्योंकि अब कोई जनप्रतिनिधि नहीं होगा जो खदान का विरोध कर सके।इन्होंने अपना इस्तीफा तो सौंप दिया है,प्रशासन इस पर क्या करता है,आने वाले दिनों में ही स्थिति स्पष्ट होगी।
ये हैं उपसरपंच और पंच…
जिन्होंने एसडीएम को इस्तीफा सौंपा है उनमें सुनीता बेक,अमृता केसरी,हिरामती बेक,रामविनोद खाखा,धनसाय खेस,नन्की आयम, छोटेलाल कुजूर,अजय मिंज,कालीचरण,राधिका करसायल, फूलकुमारी साण्डिल्य,मानती खलखों,धरमजीत मिंज,दीपा टोप्पों,बीगन गिद्ध,करीमन,गीता गिद्ध,अमिला मिंज, करमु खलखों,बिसनी किस्पोट्टा शामिल हैं।
सरपंच को राहत दिलाने गए हैं हाईकोर्ट…
अधिवक्ता जितेंद्र दुबे ने बताया कि सरपंच की बर्खास्तगी के मामले को लेकर वे हाईकोर्ट गए हैं। उन्होंने एसडीएम द्वारा इस कार्यवाही को अनुचित बताते हुए कहा कि मदननगर कोल परियोजना के मामले में एसडीएम द्वारा स्वयं से संज्ञान लेकर सीईओ पंचायत इंस्पेक्टर द्वारा कोई आवेदन दिए बिना ही बर्खास्त कर दिया गया है। अपने गांव की बात को रखना सरपंच की जिम्मेदारी है और इसी को उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कह दिया गया है।उन्होंने बताया कि सबसे आश्चर्यजनक मामले को लेकर हाईकोर्ट में केबिएट दाखिल करना है।वे भी मामले को लेकर हाईकोर्ट गए हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि सरपंच को न्याय मिलेगा।
