
नई दिल्ली । वायनाड में भारी वर्षा और भूस्खलन से उत्पन्न गंभीर स्थिति के बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि राहुल गांधी वर्ष 2019 में अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से हारने के बाद वायनाड से लोकसभा पहुँचे थे। बाद में उन्होंने यह सीट प्रियंका गांधी को सौंपते हुए कहा था कि वायनाड को “दो-दो सांसद” मिलेंगे।
अब जब वायनाड प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है, तब दोनों सांसदों के क्षेत्र में मौजूद न होने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में वायनाड और केरल की जनता अपने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और सहयोग की अपेक्षा कर रही है, लेकिन दोनों ही नेता ज़मीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि जिन नेताओं ने वायनाड से राजनीतिक समर्थन और जनादेश प्राप्त किया, वे आज क्षेत्र के सबसे कठिन समय में जनता के बीच नहीं हैं। उनका कहना है कि गांधी परिवार को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि वास्तव में क्षेत्र की उपेक्षा हुई है, तो वायनाड एवं केरल की जनता से माफ़ी माँगनी चाहिए।
