जलसंसाधन विभाग प्रतापपुर के एसडीओ कार्यालय के बाहर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता,ईई ने बांध बचाने हर तरह की कार्यवाही का दिया आश्वासन


प्रतापपुर/द शूटर।एक तरफ बारिश होती रही,दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं का धरना चलता रहा।मामला प्रतापपुर तहसील के जगन्नाथुर जलाशय से जुड़ा है जिसका अस्तित्व महान तीन कोयला खदान के कारण खतरे में है।जल संसाधन विभाग द्वारा जलाशय बचाने गंभीर न होने का आरोप लगा धरना एसडीओ कार्यालय के बाहर करीब तीन घंटे तक हुआ।
उल्लेखनीय है कि जगन्नाथपुर जलाशय पचास साल पुराना है और महान तीन कोयला खदान के कारण इसके अस्तित्व को खतरा है क्योंकि एसईसीएल ने बांध के करीब कोयला खोदाई कर दी है,सड़क का निर्माण कर दिया है।जलाशय बचाने प्रतापपुर के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मित्तल और जिशान खान ने दो बार आंदोलन किया है और आज तीसरी बार इनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता दीपक चंद मित्तल जलसंसाधन विभाग प्रतापपुर के एसडीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।इनका आरोप था कि बांध का मालिक होने के बावजूद विभाग इसे बचाने प्रयास नही कर रहा है।इस बीच बारिश शुरू हो गई, नायब तहसीलदार मुकेश दास, एसडीओ लोकेश राजवाड़े तथा एएसआई राजेश यादव ने उन्हें भवन के अंदर बैठने कहा लेकिन वे बारिश में ही धरना में बैठे रहे।इस बीच ईई सूरजपुर तरन्नुम खानम धरने पर पहुंचीं। राकेश ने उनसे 800 मीटर पर खोदाई,200 मीटर की दूरी काम को लेकर लिखी गई चिट्ठी पर जवाब मांगा।उन्होंने पांच साल के जल भराव के आंकड़े,कमांड एरिया प्रभावित होने की जांच,बांध के करीब भूमि अधिग्रहण पर अब तक जांच न होने के साथ विभागीय उदासीनता के आरोप लगाए।जिशान और दीपक ने कहा कि बांध का मालिक विभाग है,इस खतरा है लेकिन अधिकारी एसईसीएल के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पा रहा है।इन बातों पर ईई ने आश्वस्त किया कि बांध बचाने हर स्तर की कार्यवाही करेंगे,उच्च स्तर से मार्गदर्शन लेकर सभी पहलुओं पर जांच करेंगें।उनकी बातों से सामाजिक कार्यकर्ता सहमत हुए और आंदोलन समाप्त किया लेकिन एक महीने बाद सूरजपुर में उनके कार्यालय के बाहर आंदोलन की चेतावनी भी दी।इस दौरान आशुतोष जयसवाल भी उपस्थित रहे जिन्होंने सरगुजा में सबसे पहला अनशन किया था।
ईई ने कहा,बांध की है चिंता,करेंगे जरूरी कार्यवाही,एक महीने का मांगा समय…
ईई तरन्नुम खानम इस दौरान कहा कि विभाग को बांध की चिंता है,हमने पत्र लिखे हैं।अब इस मामले में और जरूरी कार्यवाही करेंगें, एसईसीएल के साथ उच्च स्तर पर पत्राचार करेंगे।उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो मामले में एफआईआर भी करेंगे। उन्होंने एक महीने का समय मांगा और कहा कि इस बीच सभी जरूरी कार्यवाही कर आप लोगों को अवगत कराएंगे।
बांध सुरक्षा समिति और जियोलॉजिकल की टीम से कराएंगे जांच…
जिशान ने अब तक जिला और राज्य की बांध सुरक्षा समिति से जांच न कराने की बात कही और सवाल खड़े किए।इस पर ईई ने कहा कि जल्दी ही राज्यस्तरीय बांध सुरक्षा समिति आने वाली है जिससे यहां की जांच भी कराएंगे।बांध के करीब ब्लास्टिंग के जवाब में उन्होंने कहा कि इसकी जांच भी जियोलॉजिकल टीम से कराएंगे।
मदननगर खुली खदान से बढ़ जायेगा खतरा,अभी से तैयार रहने कहा ईई से..
राकेश मित्तल ने ईई से कहा कि अभी तो महान तीन कोयला खदान के कारण बांध को खतरा है,अब यहां मदननगर खुली खदान परियोजना खुलने वाली है।यह क्षेत्र वही है जिधर से बांध के पानी के स्रोत हैं और फिर बांध पूरी तरह खत्म हो जायेगा।उन्होंने ईई से कहा कि वे इस परियोजना से बांध को बचाने अभी से तैयारी शुरू कर लें और अपना विरोध दर्ज करा दें।
