
सूरजपुर, 21 जुलाई 2026, द शूटर।आधी रात को जब पूरा गांव बारिश की आवाज के बीच गहरी नींद में था, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही पलों में सात परिवारों की जिंदगी बदल जाएगी। तेज बारिश के बीच अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) गोदाम की करीब 12 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल भरभराकर गिर पड़ी। दीवार का भारी मलबा सीधे उसके पीछे बसे गरीब परिवारों के घरों पर आ गिरा। कुछ ही क्षणों में सात आशियाने मिट्टी और ईंटों के ढेर में बदल गए। सौभाग्य से घटना रात करीब एक बजे हुई, लेकिन किसी की जान नहीं गई। यदि उस वक्त परिवार के सदस्य मलबे की चपेट में आ जाते तो यह हादसा भयावह त्रासदी में बदल सकता था।घटना ग्राम पंचायत कुंजनगर के अंवराडुग्गू पारा की है, जहां वर्षों से एफसीआई का गोदाम संचालित है। गोदाम के चारों ओर बनाई गई ऊंची बाउंड्री वॉल के ठीक पीछे घनी आबादी बसी हुई है। यहां रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कच्चे-पक्के मकानों में वर्षों से अपना जीवन बिता रहे हैं। एक ही पल में दीवार गिरने से उनके घर, घरेलू सामान और वर्षों की मेहनत मलबे में दब गई। अब कई परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का आक्रोश भी साफ दिखाई दिया। लोगों ने एफसीआई की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बाउंड्री वॉल के निर्माण में आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी ऊंची दीवार में न तो मजबूत सरिया का पर्याप्त उपयोग किया गया और न ही आवश्यक कॉलम बनाए गए। उनका आरोप है कि यदि निर्माण गुणवत्ता बेहतर होती तो केवल कुछ घंटों की बारिश में पूरी दीवार इस तरह धराशायी नहीं होती।ग्रामीणों की चिंता केवल गिरी हुई दीवार तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि बाउंड्री वॉल का बचा हुआ हिस्सा भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। इससे आसपास रहने वाले दर्जनों परिवार लगातार भय के साये में हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल शेष दीवार को सुरक्षित तरीके से हटाने और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।हादसे से प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके सामने अब सिर छिपाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। जिन घरों में कल तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब टूटी दीवारें, बिखरा सामान और उजड़े सपनों का मंजर दिखाई दे रहा है। पीड़ितों ने प्रशासन और एफसीआई से तत्काल राहत, उचित मुआवजा तथा पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे एफसीआई कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि लखन कुर्रे, सज्जाद खान और शाहरुख खान सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और प्रशासन से तत्काल राहत, मुआवजा तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।अब इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एफसीआई की बाउंड्री वॉल का निर्माण तय मानकों के अनुसार हुआ था, तो महज एक रात की बारिश में वह कैसे ढह गई और यदि निर्माण में लापरवाही बरती गई है, तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी, इन सवालों का जवाब केवल प्रभावित परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र जानना चाहता है। फिलहाल सात परिवार अपने उजड़े आशियानों के बीच राहत और इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं।
