अम्बिकापुर, 21 जुलाई 2026, द शूटर। किसी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति हो, नदी या एनीकट में डूबता युवक हो या फिर किसी संकट में फंसा परिवार, ऐसे हर मुश्किल क्षण में डॉयल 112 की एक त्वरित प्रतिक्रिया किसी की जिंदगी बचाने का माध्यम बन सकती है। इसी संवेदनशील जिम्मेदारी को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस दीपक कुमार झा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपातकालीन सेवा डॉयल 112 की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में रेंज के सभी जिलों के नोडल अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर (डीसीसी) के कर्मचारी, डॉयल 112 में तैनात पुलिस जवान तथा वाहन चालक शामिल हुए। आईजी ने रिस्पांस टाइम, घटनास्थल तक पहुंचने की गति, वाहन संचालन, अनुशासन और आम नागरिकों के प्रति व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।आईजी श्री झा ने कहा कि आपातकालीन सूचना मिलने के बाद हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। डॉयल 112 का उद्देश्य केवल घटनास्थल तक पहुंचना नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों को समय पर राहत और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से जनसेवा की भावना, संवेदनशील व्यवहार और पूरी तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉयल 112 आज पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और इसकी कार्यशैली से जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।बैठक के दौरान आईजी ने हाल के दो सफल रेस्क्यू अभियानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एनीकट में डूब रहे एक युवक को स्थानीय लोगों और डॉयल 112 टीम की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित बचाया गया। वहीं जशपुर जिले की लोरो घाटी में सड़क दुर्घटना में ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसमें चालक, हेल्पर और वाहन मालिक फंस गए थे। सूचना मिलते ही डॉयल 112 की टीम मौके पर पहुंची, स्थानीय थाना पुलिस की मदद से कटर मशीन के जरिए केबिन काटकर तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आईजी ने इन घटनाओं को डॉयल 112 की सतर्कता और समयबद्ध कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।उन्होंने वाहन चालकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि डॉयल 112 के वाहनों का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही किया जाए। किसी भी स्थिति में सरकारी वाहन का निजी उपयोग अथवा बिना आवश्यकता के संचालन स्वीकार्य नहीं होगा। साथ ही वाहनों के नियमित रखरखाव और बेहतर परिचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।आईजी ने अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी द्वारा नशे का सेवन या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है या उसके आचरण से पुलिस की छवि धूमिल होती है तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा बैठक में सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 248 अधिकारी, कर्मचारी और वाहन चालक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक का उद्देश्य डॉयल 112 की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनाना रहा, ताकि संकट की घड़ी में हर जरूरतमंद तक पुलिस की मदद सबसे पहले और सबसे तेजी से पहुंच सके।
